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Chote Bhai ko Shehar mein Dakhila Hone Par Kusangti Ke Prabhav Se Bachne ki Salah Dete Hue Patra – अपने छोटे भाई को कुसंगति से बचने का उल्लेख करते हुए पत्र

दिनांक: __________

__________ ,
__________ (भाई का पता)

प्रिय भाई __________ (भाई का नाम),
शुभ आशीष।

मैं यहां पर सकुशल हूं और आप सब की कुशलता के लिए भगवान से प्रार्थना करता हूं। मेरी __________ (नौकरी / पढ़ाई ) यहां पर ठीक चल रही है।

तुम्हें बहुत बहुत बधाई कि तुम्हारा दाखिला शहर के एक अच्छे __________ (विद्यालय / कालेज) में हो गया है। तुम्हें भविष्य के लिए शुभ कामनाएं। तुम अपनी पढ़ाई दिल लगा कर करना। बहुत बार ऐसा होता है कि जब भी कोई _____ (गाँव / दूसरे शहर) शहर में पढ़ने आता है तो वहां की चकाचौंध में खो जाता है और अपना मुख्य काम पढ़ाई भूल जाता है।

मुझे विश्वास है कि तुम ऐसा नहीं करोगे और दिल लगा कर पढ़ाई करोगे। हमारे माता-पिता बहुत मुश्किल से हमें पढ़ाते हैं। यहां शहर में तुम्हारे कुछ नए मित्र भी बनेंगे। मेरी तुमसे यही अपेक्षा है कि तुम अपने मित्र अच्छी तरह सोच समझकर बनाओगे। कुसंगत से बचोगे क्योंकि यही वह समय होता है जब जिन्दगी कोई भी करवट ले सकती है। अच्छे मित्र तुम्हें अच्छी सलाह देंगे। तुम अगर अपने किसी दोस्त में कोई बुरी आदत देखो तो पहले उसको प्यार से समझाना। अगर नहीं समझे तो उससे दूरी बना लेना।

बड़ा होने के नाते मेरा कर्तव्य था तुम्हें समझाना। मुझे पूरा विश्वास है कि तुम मेरी इस सलाह का पालन करोगे।
एक बार फिर बहुत बहुत प्यार। कोई जरूरत हो तो बेझिझक बताना।

तुम्हारा भाई,
____________ (अपना नाम)

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